“A satire on Modern Slavery” by Asmita Tripathi

ये बात शुरू हुई शायद 5000 साल पहले या फिर शायद 2000 साल पहले या शायद 200 साल.

नही पता कब

किसी को भी नही पता कब

हाँ शायद किसी को भी नही पता कि कब हम गुलाम बन गये या फिर बना लिये गये?

किसने बनाया हमे गुलाम???

किसी राजा ने अपनी प्रजा को ? मालिक ने नौकर को? अंग्रेजो ने भारत को? पुरूषो ने महिलाओं को ? या फिर हमने खुद को ?

क्या है किसी के पास इस गुलामी भरी ज़िन्दगी का एक आज़ादी भरा जवाब???

अस्मिता त्रिपाठी